CM योगी ने दिए निर्देश गौशालाओं के लिए CSR फंड का करो जुगाड़...



आवारा गौ-वंश ने योगी आदित्यनाथ के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है। एक ओर जहां इनकी वजह से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, तो वहीं इनके लिए गोशाला का काम भी समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। राज्य सरकार के सामने आवारा पशुओं के रख-रखाव की समस्या बड़े स्तर पर खड़ी है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी) फंड से अब उम्मीद लगाई है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को उनके जिले में स्थित कंपनियों के मार्फत सीएसआर फंड जुटाने के लिए कहा है।
2 जनवरी को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए एक नोटिस में नई पॉलिसी के तहत धन जुटाने और तात्कालिक रूप से गोशाला तैयार करने के लिए निर्देश दिया है। नोटिस के माध्यम से राज्य सरकार ने कहा है, प्रशासन अस्थायी गोशाला के निर्माण और उसके रख-रखाव के लिए अपने स्तर पर प्रयास करे। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं या फिर सीएसआर के तहत आने वाली कंपनियों से मदद ली जा सकती है।
योगी सरकार ने अपने आदेश में गायों के गोबर और मूत्र से बायोगैस तथा सीएनजी प्लांट लगाने के लिए उद्योगपतियों को प्रेरित करने का सुझाव दिया है। ताकी, गोशालाओं को आत्म-निर्भर बनाया जा सके। इसमें आगे कहा गया है कि स्थानीय तौर पर गोशालाओं के निर्माण में सांसद और एमएलए निधि का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही मनरेगा को भी इसके साथ जोड़ा जा सकता है। गौरतलब है कि जनवरी को योगी आदित्यनाथ ने सीनियर अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उन्हें 10 जनवरी तक आवारा घूम रहीं गायों के रख-रखाव की व्यवस्था करने का टारगेट दिया था। पूर्व निर्धारित प्लान के मुताबिक राज्य सरकार ने महीने के भीतर 104 गोशालाओं को बनाने का निर्देश दे रखा है। तब तक के लिए सभी शहरों और गांवों में अस्थायी गोशाला बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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