मोटा करने के लिए लड़कियों को पिलाया जा रहा Chemical.



आए दिन दुनिया भर से कई हैरान कर देने वाली खबरें सामने आती रहती हैं। आजकल की बदलती लाइफ स्टाइल में लोग अपने लिए समय ही नहीं निकाल पाते हैं, जिसके चलते लोगों का वजन बढ़ जाता है। अगर मेडिकल रिपोर्ट की बात करें तो दस में से छह लोग लोग मोटापे का शिकार हैं, जबकि दूसरी ओर लड़कियां स्लिम और ट्रिम रहने के लिए कई तरह के खास प्रयास करती रहती हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी खबर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां लड़कियों को मोटा बनाया जा रहा है।
दरअसल, अफ्रीका के मॉरीटेटनिया इलाके में लड़कियों को जानवरों को मोटा करने वाला केमिकल पीने पर मजबूर किया जाता है। यह बात जानकार आपको और हैरानी हो सकती है कि इस जगह पर लड़कियों को मोटा करने के लिए उनके परिजन उन्हें केमिकल पीने पर मजबूर आखिर क्यों करते हैं।
आपको बता दें कि यहां लड़कियां ऐसा इसलिए करती हैं, क्योंकि यहां के मर्द स्किनी नहीं बल्कि मोटी लड़कियों को ही पसंद करते हैं। यहां के लोगों का मानना है कि अगर कोई महिला मोटी नहीं है मतलब वह खूबसूरत नहीं है। यहां के युवा इन मोटी लड़कियों को शादी के लिए एक बेहतर विकल्प समझते हैं। हालांकि इस परंपरा को लेबलॉह नाम से भी जाना जाता है। लेबलॉह नाम की इस परंपरा के मुताबिक, लड़कियों को पांच साल की उम्र में ही फैट फार्म भेज दिया जाता है, इस फैट फार्म में लड़कियां अपना वजन बढ़ाती हैं।
इतना ही नहीं इसे लेकर एक डॉक्यूमेंट्री भी सामने आई है। यहां पर लोगों का मानना है कि लड़की जितनी मोटी होती है, उसे उसकी संपन्नता से देखा जाता है और इसी के चलते यहां पर दो महिनों का सीजन होता है। जिसे फीडिंग सीजन कहा जाता है। कहते हैं कि इस सीजन के दौरान लड़कियों को मोटा करने के लिए ऊंट का दूध  साथ ही कई सारे फूड सप्लीमेंट भी दिए जाते हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि लड़कियों को यह खाने-पीने के लिए उनके घर वाले ही मजबूर करते हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, यह भी कहा जाता है कि गरीब परिवारों में जब खाने की कमी होती है तो यहां के लोग अपनी बच्चियों को जानवरों को मोटा करने वाले केमिकल को पीने के लिए मजूबर करते हैं। हालांकि, इन केमिकल्स को पीने से यहां पर कई लड़कियों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन यहां के लोग अभी भी अपनी बेटियों को मोटी करने के लिए यही हथकंडा अपना रहे हैं।
आपको बता दें कि फैट फर्म की खास बात यह है कि यहां लड़कियों को जबरदस्ती ठूंस-ठूंसकर खिलाया जाता है। भले लड़कियों को उल्टी आए या वो बीमार पडजाएं इससे लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। इन्हें सिर्फ लड़कियों के मोटा होने से मतलब है। यहां की सभी औरतें मोटी होती हैं लेकिन वो उतनी ही खूबसूरत भी होती है।

Comments

Popular posts from this blog

Cricketer का दर्द. मैं मशीन नहीं, मेरा शरीर पूरी तरह थक चुका, पर कोई आराम के लिए नहीं कहता

3 तलाक- राज्यसभा में आज पेश होगा बिल, भाजपा और कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों से मौजूद रहने को कहा

करतारपुर कॉरिडोर पर पाक की शर्तें, एक दिन में जा सकेंगे 500 श्रद्धालु; पासपोर्ट से मिलेगी एंट्री