CBI निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का सरकार का आदेश निरस्त, सुप्रीम कोर्ट



आलोक वर्मा।
सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे
* सीबीआई के दो शीर्ष अफसरों के बीच विवाद के बाद केंद्र ने दोनों को छुट्टी पर भेजा था
* छुट्टी पर भेजे जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी
नई दिल्ली. सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का सरकार का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। साथ ही उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी के डायरेक्टर के पद पर बहाल करने का आदेश दिया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि वर्मा कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले पाएंगे। वे इसी महीने रिटायर हो रहे हैं। सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और नंबर-2 अफसर स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके बाद सरकार ने दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेज दिया था।
सरकार के इस कदम के खिलाफ वर्मा और एनजीओ कॉमन कॉज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने 6 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, मंगलवार को चीफ जस्टिस छुट्टी पर थे ऐसे में फैसला जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने सुनाया।
माेइन कुरैशी के मामले की जांच से शुरू हुआ रिश्वतखोरी विवाद
अस्थाना मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मामले की जांच कर रहे थे। जांच के दौरान हैदराबाद का सतीश बाबू सना भी घेरे में आया। एजेंसी 50 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन के मामले में उसके खिलाफ जांच कर रही थी। सना ने सीबीआई चीफ को भेजी शिकायत में कहा था कि अस्थाना ने इस मामले में उसे क्लीन चिट देने के लिए 5 करोड़ रुपए मांगे थे। हालांकि, 24अगस्त को अस्थाना ने सीवीसी को पत्र लिखकर डायरेक्टर आलोक वर्मा पर सना से दो करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया था।
सरकार का दावा- सीवीसी की सिफारिश पर अफसरों को छुट्टी पर भेजा
सरकार ने जांच जारी रहने तक सीबीआई चीफ वर्मा और अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया था। सरकार ने यह आदेश 23 अक्टूबर रात बजे जारी किया था। दो शीर्ष अफसरों के रिश्वतखोरी विवाद में फंसने के बाद केंद्र सरकार ने ज्वाइंट डायरेक्टर नागेश्वर राव को जांच एजेंसी का अंतरिम प्रमुख नियुक्त कर दिया था। सरकार ने दावा किया था कि केंद्रीय सतर्कता आयोग की सिफारिश पर निष्पक्ष जांच के लिए दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेजा गया।
















सीबीआई में पहली बार दो बड़े अफसरों के बीच लड़ाई
2016 में सीबीआई में नंबर दो अफसर रहे आरके दत्ता का तबादला गृह मंत्रालय में कर अस्थाना को लाया गया था।
* दत्ता भावी निदेशक माने जा रहे थे। लेकिन गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर राकेश अस्थाना सीबीआई के अंतरिम चीफ बना दिए गए।
* अस्थाना की नियुक्ति को वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। इसके बाद फरवरी 2017 में आलोक वर्मा को सीबीआई चीफ बनाया गया।
सीबीआई चीफ बनने के बाद आलोक वर्मा ने अस्थाना को स्पेशल डायरेक्टर बनाने का विरोध कर दिया। उन्होंने कहा था कि अस्थाना पर कई आरोप हैं, वे सीबीआई में रहने लायक नहीं हैं।
वर्मा 1984 की आईपीएस बैच के अफसर हैं। अस्थाना 1979 की बैच के आईपीएस अफसर हैं।

Comments

Popular posts from this blog

Cricketer का दर्द. मैं मशीन नहीं, मेरा शरीर पूरी तरह थक चुका, पर कोई आराम के लिए नहीं कहता

3 तलाक- राज्यसभा में आज पेश होगा बिल, भाजपा और कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों से मौजूद रहने को कहा

करतारपुर कॉरिडोर पर पाक की शर्तें, एक दिन में जा सकेंगे 500 श्रद्धालु; पासपोर्ट से मिलेगी एंट्री