देश में आरक्षण का दायरा बढ़ा लेकिन घटी नौकरियां, बेरोजगारी की दर पहुंची सबसे ऊंचे स्तर पर
हर साल देश में 81 लाख नौकरियों की है जरूरत,जानिए कहां कितने पद हैं खाली
नई दिल्ली. केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक रुप से पिछड़े सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की मुहर लगा दी गई है। ऐसे में यह मुद्दा जोरों पर है। इसके पक्ष और विपक्ष में बहस का दौर जारी है। लेकिन जिस एक बात पर सबसे ज्यादा चर्चा होनी चाहिए, वो है बेरोजगारी और नौकरियों की कमी। लेकिन संसद में इस मसले पर कभी बहस नहीं हुई। नौकरियों नहीं निकलेंगी तो आरक्षण देने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
हर साल है 81 लाख नौकरियों की जरूरत
अगर सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण लागू हो जाता है, तो आरक्षण का दायरा 59,50 फीसदी हो जाएगा। ऐसे में हम नजर डालते है कि देश में नौकरियों की क्या हालत हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी, (सीएमआईई) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 2 साल में देश में बेरोजगारी की सबसे ज्यादा बढ़ गई है। विश्व बैंक की ओर से भी कहा गया है बेरोजगारी पर नियंत्रण पाने के लिए भारत में साल 81 लाख नौकरियां की जरूरत है।
देश में तेजी से बढ़ रही है बेरोजगारी
एक अनुमान के मुताबिक भात में साल 2018 में 1.86 करोड़ बेरोजगार की संख्या है, जो कि साल 2019 में बढ़कर 2 करोड़ के पार जा सकती है। पिछले तीन साल में भारत में बेरोजगारी की दर 3.5 फीसदी रही ।
कितने पद हैं खाली
केंद्र में मार्च 2016 तक 4,12,752 पद खाली थे। इसमें 15,284 पद ग्रुप ए के लिए 76,050 पद ग्रुप बी के लिए और 3,21,418 पद ग्रुप सी की भर्तियों के लिए खाली पड़े थे, जबकि ग्रुप डी के लिए 32,17,548 पदों पर भर्तियां होनी है।
किस विभाग में कितने पद हैं खाली
शिक्षा विभाग में 10 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। इसमें प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में है।
संसद में साल 2018 में दी गई जानकारी के मुताबिक देशभर में पुलिस विभाग में सशस्त्र पुलिस बल, पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो में 4.4 लाख भर्तियों होनी है। इसके अलावा राज्यों में 90,000 के करीब पुलिसकर्मियों की जरूरत है। न्यायपालिका में 5,800 पद खाली पड़े हैं। वहीं डाक विभाग में 54,000 पद खाली हैं। स्वास्थ्य सेवा में 1,50,000 पद खाली हैं।

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