मिशेल की जुबान से 'टॉप लीडर्स' की पहचान बताने वाला पासवर्ड नहीं उगलवा सकी- CBI
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील के बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल का रिमांड बुधवार को खत्म हो गया। सीबीआई, मिशेल से पूछताछ कर हेलीकॉप्टर सौदे में 'टॉप लीडर्स' का नाम, जो कोड वर्ड में लिखा था, नहीं उगलवा सकी। रिमांड के दौरान जांच एजेंसी ने मिशेल के सामने चार-पांच ऐसे दस्तावेज रखे, जिनमें कोड वर्ड के हिसाब से लोगों के नाम लिखे गए थे।
इसके अलावा कुछ ऐसे दस्तावेज, जिन पर मिशेल के अलावा कुछ अन्य लोगों के हस्ताक्षर थे, उसने उन्हें भी पहचानने से इंकार कर दिया। सूत्रों का कहना है कि तीन देशों से जांच एजेंसी ने अगस्ता वेस्टलैंड डील को लेकर जो सीक्रेट दस्तावेज हासिल किए थे, उन पर भी मिशेल ने चुप्पी साधे रखी।
30 मिनट से ज्यादा किसी फाइल को नहीं देखा
जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि मिशेल के सामने कंपनी या उसके पदाधिकारियों से जुड़ी कई फाइलें रखी गई थी। पूछताछ के दौरान उसने कभी तीस मिनट से ज्यादा समय तक किसी फाइल को नहीं देखा। मिशेल के वकील के मुताबिक, वह डिस्लेक्सिया की बीमारी से ग्रसित हैं,इसलिए लंबे समय तक वह दस्तावेजों को नहीं देख सकता है। डिस्लेक्सिया की बीमारी में व्यक्ति को पढ़ने और शब्दों व चिह्नों की व्याख्या करने में दिक्कत आती है।
खुद के हस्ताक्षर भी नहीं पहचाने
जांच टीम ने हस्ताक्षर का मिलान कराने के लिए जब उसके हाथ में कलम थमाया तो उसने कई घंटे तक कुछ नहीं लिखा। वह पेन पकड़ता और कुछ सोचने लग जाता। उसके सामने फिर से फाइलें रखी जाती और वह पहले की तरह उनकी ओर देखने लगता। यहां तक कि उसने खुद के द्वारा किए गए हस्ताक्षर भी नहीं पहचाने।
मिशेल के वकील का आरोप है कि सीबीआई उसके मुव्वकिल से 'कर्सिव राइटिंग' लिखवा रही है। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, यह सही है कि उसे राइटिंग के लिए कहा गया था, लेकिन वह कुछ लिखने को तैयार नहीं हुआ।
बच्चे की तरह पेज पर पेन चलाया
मिशेल के हस्ताक्षरों का मिलान कराने के लिए जब उसके हाथ में पैन थमाया जाता तो वह बच्चे की तरह उसे इधर-उधर चलाने लगता। इस चक्कर में दर्जनों पेज खराब हो गए थे। हर बार जांच अधिकारी उसे नया पेज देते और वह पहले की तरह उस पर पैन घुमा देता।
इसी तरह उसने जांच एजेंसी से सैंकड़ों पेज प्रिंट करा लिए। वह कई बार यह कह कर पूछताछ से बचने का प्रयास करता कि उसे कुछ साफ नजर नहीं आ रहा है। जांच एजेंसी दोबारा से प्रिंट निकालकर उसके सामने रख देती, इसके बाद उसका वही पहले वाला नजरिया बना रहता था। कई बार उसे जूम करने वाला यंत्र लगाकर दस्तावेज दिखाए गए, मगर वह अपनी मर्जी पर अडिग रहा।
कोड वर्ड वाले दस्तावेज में इन अधिकारियों को पहचाना
मिशेल ने कोड वर्ड वाले दस्तावेज में से किसी टॉप लीडर्स को नहीं पहचाना। हालांकि जांच एजेंसी ने कोड वर्ड के सामने कई नेताओं के नाम लिखकर उसे दिखाए, लेकिन उसने पहचानने से मना कर दिया। मिशेल ने एयरफोर्स के अधिकारियों के नाम, मंत्रालय के अफसर और अपने कई सहयोगियों (राल्फ गिडो हैस्के और कार्लो गेरोसा) के दस्तावेजों को पहचान लिया। वह इन लोगों के हस्ताक्षर भी ध्यान से देखता था। एपी, एसजी, एमपी, डीएस और एफएएन आदि शब्दों को उसने नहीं पहचाना।
22 दिसंबर को जमानत पर फैसला
सीबीआई के वकीलों ने पटियाला हाउस कोर्ट को बता दिया है कि मिशेल ने जांच में सहयोग नहीं किया। ऐसे दस्तावेज जो कि जटिल सरकारी प्रक्रिया से जांच एजेंसी ने हासिल किए हैं, उन पर भी मिशेल से पूछताछ बाकी है। अदालत ने मिशेल को तिहाड़ जेल में भेज दिया है। उसकी जमानत याचिका पर अदालत 22 दिसंबर को फैसला सुनाएगी।

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