जॉनसन बेबी पाउडर में कैंसर के तत्व होने के आरोपों की जांच शुरू: ड्रग रेग्युलेटर ने सैंपल लिए




हिमाचल प्रदेश में कंपनी के बद्दी प्लांट से सैंपल लिए गए 

अगले 4-5 दिन में देशभर में यह कार्रवाई की जाएगी 

रॉयटर्स का दावा- कंपनी को बेबी पाउडर में कैंसर पैदा करने वाले तत्व एस्बेस्टस होने का पता था 

नई दिल्ली. जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर में कैंसर पैदा करने वाला तत्व एस्बेस्टस होने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश में स्थित कंपनी के बद्दी प्लांट से सैंपल लिए। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की गई। 

रॉयटर्स की रिपोर्ट में शुक्रवार को कहा गया कि जॉनसन एंड जॉनसन को कई सालों से पता था यह बात पता थी कि उसके बेबी पाउडर में एस्बेस्टस की मिलावट पाई गई। 

100 ड्रग इंस्पेक्टर की टीम देशभर में सैंपल लेगी 

स्वास्थ्य मंत्रालय की संस्था सीडीएससीओ का कहना है कि अगले 4 से 5 दिन में देशभर में 12 से 15 लोकेशन पर जॉनसन एंड जॉनसन के प्लांट और डिस्ट्रीब्यूटर से बेबी पाउडर के सैंपल लिए जाएंगे। पाउडर बनाने में इस्तेमाल रॉ मैटेरियल के भी सैंपल लिए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 100 ड्रग इंस्पेक्टर की टीम को जॉनसन बेबी पाउडर की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

जॉनसन एंड जॉनसन का कहना है कि सीडीएससीओ के साथ जांच में सहयोग किया जा रहा है। लेकिन, इसे छापा या सीज की कार्रवाई कहना गलत है। 

जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा- रॉयटर्स की रिपोर्ट झूठी 

उधर, जॉनसन एंड जॉनसन ने मंगलवार को रॉयटर्स की रिपोर्ट को एकतरफा और झूठी बताया। कंपनी का कहना है कि बेबी पाउडर एस्बेस्टस फ्री और सुरक्षित है। एक लाख महिला और पुरुषों पर पाउडर के असर का अध्ययन किया गया है। इससे कैंसर या एस्बेस्टस से जुड़ी बीमारियां नहीं होती। 

रॉयटर्स ने कंपनी मेमो, इंटरनर रिपोर्ट और दूसरे गोपनीय दस्तावेजों के आधार पर दावा किया था कि साल 1971 से 2000 तक जॉनसन बेबी पाउडर की जांच में एस्बेस्टस पाया गया था। लेकिन, रेग्युलेटर और जनता से यह बात छिपाई गई। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी रेग्युलेटर्स को प्रभावित भी किया गया। 

जॉनसन एंड जॉनसन ने मंगलवार को कहा कि वह बाजार से 5 अरब डॉलर का स्टॉक वापस लेगी। शुक्रवार को रॉयटर्स की रिपोर्ट से अमेरिकी शेयर बाजार में जॉनसन एंड जॉनसन के शेयर में भारी गिरावट आई। इससे कंपनी का मार्केट कैप 40 अरब डॉलर घट गया। 

देश में 2 साल पहले भी जॉनसन बेबी पाउडर की जांच हुई थी 

सीडीएससीओ के अधिकारी के मुताबिक 2 साल पहले भी जॉनसन एंड जॉनसन के पाउडर की जांच की गई थी। उस वक्त वह भारतीय मानकों के अनुरूप पाया गया। 

इस साल की शुरुआत में अमेरिकी अदालत ने जॉनसन एंड जॉनसन को आदेश दिया कि वह 22 महिलाओं को 4.69 अरब डॉलर का हर्जाना चुकाए। उन महिलाओं ने दावा किया था कि कंपनी के बेबी पाउडर समेत दूसरे टैल्कम प्रोडक्ट्स में एस्बेस्टस था। इस वजह से उन्हें गर्भाशय का कैंसर हो गया।

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