सावधान! चार दिन तक बहुत खराब रहेगी दिल्ली की हवा
दिल्ली-एनसीआर में बीते सप्ताह से ही हवा की गुणवत्ताबहुत खराब बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है किअगले चार दिन तक राहत की उम्मीद नहीं है। दिल्ली केअलावा यूपी के बुलंदशहर और गाजियाबाद में गंभीरवायु प्रदूषण है, तो हापुड़, गाजियाबाद, नोएडा व ग्रेटरनोएडा जैसे शहरों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणीमें बनी हुई है। वहीं, हरियाणा के फरीदाबाद में हवा कीगुणवत्ता बहुत खराब और गुरुग्राम में वायु की गुणवत्ताखराब स्थिति में बरकरार है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सभीएजेंसियों को अपने-अपने क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम पर काम तेज करने को कहा है। वहीं, दिल्ली केभीतर अशोक विहार, आनंद विहार, मुंडका, नेहरू नगर और वजीरपुर में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी मेंरिकॉर्ड हुई, जबकि 25 स्थानों पर वायु गुणवत्ता बहुत खराब और 4 स्थानों पर खराब श्रेणी में रिकॉर्ड कीगई।
गाजियाबाद और बुलंदशहर की हवा गंभीर
सीपीसीबी की ओर से मंगलवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक, दिल्ली काएक्यूआई 356, जबकि यूपी में बुलंदशहर का एक्यूआई 426, हापुड़ का एक्यूआई स्तर 403 औरगाजियाबाद का एक्यूआई 415 रिकॉर्ड किया गया। 401 से 500 का एक्यूआई स्तर गंभीर वायु प्रदूषण कोप्रदर्शित करता है। वहीं, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 370, नोएडा का एक्यूआई स्तर 388 रहा। गुरुग्राम औरफरीदाबाद का एक्यूआई स्तर क्रमश: 255 और 368 रहा।
लोगों को हो सकती है परेशानी
सीपीसीबी वायु गुणवत्ता का यह स्तर शाम चार बजे तक 24 घंटे का औसत स्तर है। सीपीसीबी केमुताबिक, 0-50 का एक्यूआई बहुत अच्छी हवा, 51 से 100 का एक्यूआई संतोषजनक, 101 से 200 कास्तर मध्यम श्रेणी, 201 से 300 का स्तर खराब, 301 से 400 का स्तर बहुत खराब, 401 से 500 का स्तरगंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है। सीपीसीबी की हेल्थ एडवाइजरी में चेताया गया है किलगातार बहुत खराब गुणवत्ता के प्रभाव में रहने पर न सिर्फ श्वास रोग संबंधी मरीजों को, बल्कि आमलोगों को भी परेशानी हो सकती है।
आपात स्तर की ओर हवा में पीएम के कण
दिल्ली-एनसीआर की हवा में पर्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 की मौजूदगी आपात स्तर के करीब पहुंच रहीहै। मंगलवार की रात आठ बजे पीएम 2.5 का स्तर जहां 214.5 रहा वहीं पीएम 10 का स्तर 398 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 10 हवा में मौजूद मोटे प्रदूषण कण हैं, जबकिपीएम 2.5 बेहद महीन और आंखों से न दिखने वाले प्रदूषण कण हैं। पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 और पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। दोनों कण अपने सामान्यमानक से करीब चार गुना तक ज्यादा हैं।

Comments
Post a Comment