दिल्ली के शेल्टर होम में सजा के नाम पर बच्चियों के प्राइवेट पार्ट्स में डाला जाता था मिर्च पाउडर



* महिला आयोग की विशेष समिति ने 6 से 15साल की 22 लड़कियों से की बातचीत
* लड़कियों का आरोप है कि काम न करने के लिए उनके साथ मारपीट की जाती
नई दिल्ली. द्वारका स्थित एक शेल्टर होम में मासूम बच्चियों के उत्पीड़न का मामला सामने आया है। दिल्ली महिला आयोग द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की जांच के दौरान लड़कियों ने आरोप लगाया कि शेल्टर होम में महिला स्टाफ सजा देने के लिए उनके प्राइवेट पार्ट्स में मिर्च पाउडर डाल देती थी। इस मामले में आयोग की पहल पर पुलिस ने शेल्टर होम के स्टाफ के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 6-15 साल की बच्चियों के साथ बातचीत में हुआ खुलासा
दिल्ली सरकार की सलाह पर महिला आयोग ने सरकारी और निजी शेल्टर होम की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की थी। इस समिति ने शेल्टर होम में रहने वाली 6 से 15 साल की उम्र की 22 बच्चियों से बात की और उनके अनुभव जाने।
 इसमें सामने आया कि शेल्टर होम में पर्याप्त स्टाफ न होने के चलते बच्चियों से ही घरेलू काम,साफ-सफाई, बर्तन धुलवाने, कमरे और टॉयलेट साफ करवाने तक का काम कराया जाता था। लड़कियों को अपना कमरा साफ न करने और स्टाफ की बात न सुनने के लिए मारा-पीटा जाता था। उन्हें गर्मियों और सर्दियों की छुट्टी में घर भी जाने नहीं दिया जाता था।
समिति की शिकायत पर रात में ही लिए गए बच्चियों के बयान
विशेषज्ञ समिति ने इस रिपोर्ट को दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) प्रमुख स्वाती मालीवाल के साथ भी साझा किया, जिसके बाद मालिवाल ने द्वारका के डिप्टी कमिश्नर को फोन किया और खुद शेल्टर होम पहुंच गईं। पुलिस की एक टीम ने इसके बाद बच्चियों के बयान लिए।

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