सूरज की आंखों में झांकेंगा ‘पार्कर’ सूर्य के सबसे करीब पहुंचने वाली मानव निर्मित वस्तु




जिज्ञासा और साहस का नतीजा है कि 13 अगस्तए 2018 को नासा द्वारा लांच किया गया अंतरिक्ष यान पार्कर सोलर प्रोब सात साल तक सूरज का चक्कर लगाते हुए उसका अध्ययन करेगा। यह यान सूर्य की बाह्य परत कोरोना के पास रहेगा। कोरोना का तापमान करीब 10 लाख डिग्री सेल्सियस होता है। नासा के इस अभियान का उद्देश्य कोरोना के पृथ्वी की सतह पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना है। 

इस मिशन का नाम युजीन पार्कर के नाम पर रखा गया है। 60 वर्ष पहले पार्कर के इस शोध को ‘एस्ट्रोफिजिकल जर्नल’ में छापने से मना कर दिया गया। बाद में जर्नल के सीनियर एडिटर सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर के दखल पर यह शोध पत्र छपा। इस मिशन से संचार, मौसम व तमाम दूसरे शोधों में मदद मिलेगी। 

‘यह खोज यान ऐसी जगह जा रहा है, जिसे अभी तक किसी ने नहीं देखा। जब मैंने कहा था सौर तूफान आते हैं, तो यह सिर्फ जिज्ञासा थी जिसने मुझे शोध के लिए विवश किया और आज यह हम सबके सामने है।’

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