छत्तीसगढ़ - मुख्यमंत्री का आज हो सकता है ऐलान
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल (बाएं) और चरणदास महंत (दाएं)।
* राहुल ने दिल्ली में भूपेश बघेल, टीएस सिंह देव, चरणदास महंत और ताम्रध्वज साहू के साथ बैठकें कीं
* नए मुख्यमंत्री का ऐलान विधायक दल की बैठक के बाद रायपुर में होगा
रायपुर/दिल्ली. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के तीन बाद भी कांग्रेस मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं कर पाई है। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास पर शुक्रवार को दिनभर राज्य के भावी मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा होती रही। पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बैठक में राहुलजी ने सभी से बात की है, फैसला उन्हें ही करना है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सीएम का फैसला शनिवार को रायपुर में राजीव भवन में होने वाली विधायक दल की बैठक में होगा।
राहुल ने छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, टीएस सिंह देव, चरणदास महंत और ताम्रध्वज साहू को दिल्ली बुलाया था। शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष ने पहले सीएम पद के दावेदारों से बंद कमरे में अलग-अलग बात की। फिर पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से चर्चा की।
बैठकें दिनभर चलीं : दिन भर चली बैठक के बाद देर शाम सभी नेता बैठक से बाहर निकले। पहले तय किया गया था कि दिल्ली की बैठक खत्म कर नेता सीधे रायपुर जाएंगे। फिर विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा। लेकिन देरी के कारण रायपुर में बैठक रद्द कर दी गई।
दिल्ली से हंसते हुए लौटूंगा : दिल्ली जाने के पहले शुक्रवार सुबह बघेल ने अपना हंसता हुआ फोटो ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- “जिस तरह मैं हंसते हुए दिल्ली जा रहा हूं, उसी तरह से हंसते हुए आऊंगा। आज राज्य के लिए, हम सब के लिए बहुत बड़ा दिन है। जो भी निर्णय होगा अच्छा होगा। आलाकमान ने मुझे बहुमत लाने की जिम्मेदारी थी, अब आगे जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसका मैं ईमानदारी के साथ निर्वहन करूंगा।” चरण दास महंत ने भी कहा कि किसी के बीच कोई टकराव नहीं है। पूरी एकजुटता के साथ जा रहे हैं। हाईकमान अगला मुख्यमंत्री तय करेगा।
आदिवासी समाज ने डिप्टी सीएम या 5 मंत्री मांगे : प्रदेश गोंडवाना गोंड महासभा के महामंत्री सोहन पोटाई ने राहुल गांधी से आदिवासियों की 6 मांगें पूरी करने कहा है। उन्होंने जहां प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री नहीं तो मंत्रिमंडल में पांच आदिवासियों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों ने कांग्रेस पर भरोसा जताया है, इसलिए प्रतिनिधित्व दें।


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