बीमारी नहीं बल्कि सड़क दुर्घटना में होती है अधिकतर बच्चोें और युवाओं की मौत:
सड़क दुर्घटना से होने वाली मौत के आंकड़ें बताते हैं कि इससे दुनिया में हर 23 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत होती है। सड़क सुरक्षा पर आधारित ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट में भारत की स्थिति सबसे खराब आई है। यहां सड़क दुर्घटना में सबसे अधिक मौत होती हैं। यह रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से तैयार की गई है और शुक्रवार को जारी हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में अधिकतर बच्चे और युवा बीमारी नहीं बल्कि सड़क दुर्घटना के कारण अपनी जान गंवाते हैं।
रिपोर्ट में बताए आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में साल 2016 में सड़क दुर्घटना में 13.5 लाख लोगों की मौत हुई। यह आंकड़ा साल 2013 में 12.5 लाख था। विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस रिपोर्ट के अनुसार मरने वाले प्रत्येक 9 लोगों में से एक भारतीय है। वहीं सड़क दुर्घटना में घायल होना बच्चों और व्यस्कों (5.29 साल) की मौत की सबसे अधिक वजह बनी है। इससे पता चलता है कि वर्तमान में बाल स्वास्थ्य एजेंडा में बदलाव की आवश्यकता है। क्योंकि इसमें काफी हद तक सड़क सुरक्षा की उपेक्षा की जाती है।
बता दें ये आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2010-2020 को सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई दशक के रूप में अपनाया है और सड़क दुर्घटनाओं से वैश्विक स्तर पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की पहचान करने के साथ-साथ इस अवधि के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। जिसमें कई देशों ने भी कहा था कि वह सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की कोशिश करेंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यक्ष टेड्रोस अधानोम का कहना है कि “कार्रवाई न करने के पीछे कोई बहाना नहीं है” क्योंकि यह एक ऐसी समस्या है जिसके समाधान भी है।यह आंकड़े भारतीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने साझा किए हैं। आंकड़ों में कहा गया है कि सड़क दुर्घटना से मौत का आंकड़ा भारत में साल 2016 में 1.51 लाख था। वहीं साल 2017 में यह आंकड़ा 1.46 लाख पर पहुंच गया।
रिपोर्ट के अनुसार साल 2013-2016 के बीच में कम आय वाले किसी भी देश में सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों को कम नहीं किया गया है। वहीं 48 मध्यम और उच्च आय वाले देशों में ये बदलाव देखने को मिला है। वहीं भारत सहित 104 देशों में मौत का ये आंकड़ा बढ़ा है।

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