विश्व कप हीरो गौतम ने लिया संन्यास, इस टीम के खिलाफ खेलेंगे करियर का आखिरी मैच


पहले 2007 के टी-20 और उसके बाद 2011 केआईसीसी विश्व कप के फाइनल में अपनी यादगारपारियों से भारत की जीत की सुनहरी इबारत लिखनेवाले वर्ल्ड कप फाइनल हीरो गौतम गंभीर ने मंगलवारको संन्यास लेने की घोषणा कर दी है।

गंभीर छह दिसंबर से फिरोज शाह कोटला में आंध्र प्रदेशके खिलाफ होने वाले रणजी ट्रॉफी मैच में दिल्ली के लिएअपना अंतिम मुकाबला खेलने के लिए उतरेंगे। पिछलेदो सालों से गंभीर के दिमाग में संन्यास के फैसले कोलेकर झंझावत चल रहा था, लेकिन आईपीएल 2019 केलिए दिल्ली कैपिटल्स की टीम से रिलीज किए जाने केबाद गंभीर ने आखिरकार संन्यास का फैसला ले हीडाला।

गंभीर ने संन्यास की घोषणा करने के दौरान अपने सभी कोच संजय भारद्वाज, पार्थसारथी शर्मा, जस्टिनलैंगर, नॉडी होल्डर सभी का धन्यवाद किया।

58 टेस्ट मैचों के अलावा 147 वन डे और 37 टी-20 मुकाबलों में कुल 10 हजार तीन सौ 24 रन बनानेवाले गंभीर ने अपना अंतिम टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में विराट कोहली की कप्तानी में खेला।गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइटराइडर्स ने 2012 और 2014 में आईपीएल का खिताब भी जीता।

दरअसल, केकेआर से निकलकर 2017 में दिल्ली डेयरडेविल्स की कप्तानी संभालना गंभीर के लिए बुराफैसला साबित हुआ। टीम को मिल रही लगातार हार के चलते उन्हें बीच में ही कप्तानी छोडनी पड़ी साथही अंतिम एकादश से भी स्थान गंवाना पड़ा।

फिर दिल्ली की रणजी टीम में उनके साथ कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। सत्र शुरू होनने से पहले उन्होंनेकप्तान बनने से इंकार कर दिया साथ ही दिल्ली के बाहर मैच खेलने में असमर्थता जता दी। गंभीरखुलासा करते हैं कि इन दिनों उनकी अंतर्मात्मा ने उन्हें संन्यास का फैसला लेने के लिए सबसे ज्यादाझकझोरा।

आखिर में उन्होंने यह फैसला कर ही डाला। गौतम गंभीर को इस बात का गौरव है कि दो वर्ल्ड फाइनल्समें उन्होंने यादगार पारियां खेलीं। यही नहीं वह उस भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा रहे जो आईसीसी टेस्टरैंकिंग में नंबर वन थी, लेकिन सबसे ज्यादा गौरव उन्हें साल 2009 में साल का आईसीसी टेस्ट बल्लेबाजबनने पर हुआ। यह ट्रॉफी देखकर वह अपने को गौरवान्वित महसूस करते हैं।

गंभीर खुलासा करते हैं कि 2016 में राजकोट टेस्ट के बाद टीम से हटाए जाने के बाद उन्होंने वापसी केलिए अपने को समझाने की कोशिश की। उस वक्त भी उनके दिमाग में आया था कि क्या क्रिकेट छोडनेका वक्त आ गया है।

2017 में अच्छे घरेलू सत्र के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए आईपीएल में खराब प्रदर्शन ने उन्हें सबसेज्यादा सोचने के लिए मजबूर किया। गंभीर ने आशा जताई है कि विराट की टीम ऑस्ट्रेलिया में उनकीटीम की अर्जित की गई सफलताओं को पीछे छोड़ेगी।

गंभीर याद करते हैं कि उनकी टीम ने न्यूजीलैंड में ऐतिहासिक श्रृंखला जीती और ऑस्ट्रेलिया में सीबीसीरीज जीती। वह कहते हैं कि उन्हें आशा है कि यह टीम इन सफलताओं को पीछे छोड़ेगी।

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