America के कोलिन ने बिना मदद अकेले अंटार्कटिका पार किया, पहले व्यक्ति


       कोलिन ओ’ ब्रेडी ने दक्षिण ध्रुव की यात्रा 3 नवंबर कोशुरू कर 26 दिसंबर को खत्म की।

* कोलिन ओ/ ‘ब्रेडी ने 54 दिन में पूरी की 1600 किमीकी दूरी,3 नवंबर को शुरू की थी यात्रा

* आखिरी 124 किलोमीटर की दूरी बिना रुके 32 घंटे मेंपूरी की

वॉशिंगटन. अमेरिका के कॉलिन ओ’ ब्रेडी (33)अंटार्कटिका महाद्वीप को अकेले और बिना किसी कीमदद के पार करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गएहैं। उन्होंने उत्तर से दक्षिण अंटार्कटिका तक 1600 किमी की दूरी 54 दिन में पार की। 

मैंने अपना लक्ष्य पूरा किया

1. कोलिन ओ’ ब्रेडी ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “वो 32 घंटे मेरी जिंदगी के सबसे चुनौतीपूर्ण रहे। इस दौरानमैंने बेहतरीन पलों को जिया। मैं हमेशा लक्ष्य पर निगाहें टिकाए रहा। मैं यह सब इसलिए लिख पायाक्योंकि अभी तक सोया नहीं।” ब्रेडी के अभियान पर जीपीएस से नजर रखी जा रही थी।

2. ओ’ ब्रेडी और ब्रिटेन के कैप्टन लुई रड (49) ने 3 नवंबर को अलग-अलग यूनियन ग्लेशियर सेअंटार्कटिका की यात्रा शुरू की थी। 1996-97 में नॉर्वे के बोर्ग ऑसलैंड पहली बार अकेले अंटार्कटिका पारकरने वाले व्यक्ति बने थे लेकिन उन्होंने हवा की दिशा की जानकारी के लिए पतंगों की मदद ली थी।

180 किलो सामान साथ था

3. ओ’ ब्रेडी ने करीब 180 किलो सामान खींचा। वह दक्षिण ध्रुव पर 12 दिसंबर (यात्रा के 40वें दिन) कोपहुंच गए थे। प्रशांत महासागर में स्थित फिनिशिंग पॉइंट रॉस आइस शेल्फ पर वह 26 दिसंबर को पहुंचे।रड उनसे दो दिन पीछे चल रहे हैं।

नाश्ते करते हुए तय किया कि बाकी दूरी एक बार में तय कर लूंगा

4. इंस्टाग्राम पर ओ’ ब्रेडी लिखते हैं, “जैसे से ही मैंने नाश्ता किया, दिमाग में एक ही सवाल घूम रहा थाकि क्या मैं बाकी बचा रास्ता एक ही बार तय कर पाऊंगा? इसके बाद मैंने अपने जूते बांधे और असंभव कोजीतने (124 किमी की बची दूरी) निकल पड़ा।”

5. न्यूयॉर्क टाइम्स ने ओ’ ब्रेडी के अभियान को ध्रुवीय जीत के इतिहास में सबसे उल्लेखनीय बताया।लिखा, “अंतिम 124 किमी की दूरी एक बार में तय करना आसान नहीं था, वह भी तब जब व्यक्ति (ओ’ब्रेडी) 53 दिन में हजारों किमी की दूरी तय कर चुका हो। उन्होंने अपने लिए ऐसा लक्ष्य तय किया, जिसेअक्सर लोग बीच में ही छोड़ देते हैं।”

6. अंटार्कटिका पर सबसे पहले नॉर्वे के रोआल्ड एमंडसेन और उनके बाद ब्रिटेन के रॉबर्ट फाल्कन स्कॉटपहुंचे थे। 2016 में ब्रिटिश आर्मी अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हेनरी वॉर्स्ले भी अकेले दक्षिण ध्रुव पार करने कीकोशिश कर रहे थे लेकिन उनकी मौत हो गई।

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