3 भाई, एक जान से गया, दूसरा वादी- तीसरा मुल्जिम, परिवार हुआ शर्मसार



मेरठ के परतापुर में नाबालिग बेटी द्वारा चाचा के साथ मिलकर हत्या कर दी गई। इस मर्डर ने जहां चाचा और भतीजी के रिश्ते को तार तार किया वहीं आरोपी का पूरा परिवार ही शर्म के मारे समाज के सामने खुद को शर्मिंदा महसूस कर रहा है। यकीनन जिस परिवार में एक के बाद एक तीनों बेटों के कारण परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ा हो वहां ऐसा होना लाजिमी हैं:-
मेरठ में शनिवार सुबह एक बेटी ने अपने प्रेम प्रसंग के आड़े आ रहे पिता को अपने ही हाथों मौत की नींद सुला दिया। किशोरी ने अपने चाचा के साथ मिलकर पिता को पहले दर्दनाक मौत दी और फिर उसके शव को केरोसिन डालकर जला दिया। चाचा और भतीजी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए मुसीबत बनी हुई है।
पुलिस का कहना है कि 17 साल की किशोरी पढ़ाई नहीं करती थी। लेकिन जब उसका पिता छह माह पहले मथुरा में पंचायत कर ग्रामीणों और प्रधान की मदद से अपने पास लाया था तो किशोरी के पास एक फोन था। इसी फोन से वह चाचा से बात करती थी। जब मेरठ आई तो किशोरी के अपने सगे चाचा अजय से अनैतिक संबंध हो गये। किशोरी के पिता को चाचा- भतीजी के अनैतिक संबंधों का पता चला तो विरोध किया। अनैतिक संबंधों का विरोध करने पर किशोरी ने चाचा के साथ मिलकर पिता की हत्या की। अब दोनों के मोबाइल बंद आ रहे हैं।
एक जान से गया, दूसरा वादी, तीसरा मुल्जिम
गौरतलब है कि जिस 45 वर्षीय व्यक्ति की हत्या की गई है उसके पिता की बीस साल पहले मौत हो गई थी। मां भी चार माह पहले चली गई। एक भाई की भी पूर्व में मौत हो चुकी है। तीनों भाई शताब्दीनगर में रह रहे थे। सबसे बड़े भाई की उसकी बेटी ने हत्या करा दी। दूसरा भाई इस केस में वादी है। और सबसे छोटा भाई हत्या में फरार है। वहीं 17 साल की बेटी और उसके चाचा के अनैतिक संबंधों से भी परिवार बुरी तरह शर्मशार हुआ।
दबिश दे रही पुलिस
किशोरी और उसके चाचा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी हुई है। दोनों के फोन घटना के बाद से बंद है। दोनों को गिरफ्तार करना चुनौती बन रहा है कि क्योंकि पता नहीं दोनो कहां फरार हुए हैं। 

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