एनसीआर में विकास के नए द्वार खोलेगा केएमपी एक्सप्रेस.वे, मोदी पहुंचे गुरुग्राम
कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे निर्धारित समय से तीन माह पहले सोमवार को देश को सुपुर्द कर दिया जाएगा। इसके लिए पीएम मोदी गुरुग्राम के सुल्तानपुरी गांव पहुंच चुके हैं। इसके चालू होने से दिल्ली-एनसीआर में विकास के नए द्वार खुलेंगे।
इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री रामबिलास शर्मा, लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह तथा वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की उपस्थिति में गांव सुल्तानपुरी में सरकारी डिग्री कालेज तथा फरुखनगर में 50 बिस्तर के अस्पताल की आधारशिला रखी।
135 किलोमीटर लंबे और 6400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुल्तानपुरी में आयोजित जनविकास रैली में करेंगे। इसके साथ ही पीएम दिल्ली मेट्रो के वायलट लाइन (बदरपुर-एस्कॉट्स मुजेसर) एक्सटेंशन प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ करेंगे। रैली में मोदी लोगों को संबोधित करते हुए देेश में विकास के मॉडल पर चर्चा करेंगे।
वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नाम से मशहूर केएमपी एक्सप्रेसवे पर सोनीपत से मानेसर तक सात टोल बूथ हैं। इस पर वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उतना ही टोल टैक्स देना होगा। हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना एवं विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के इस परियोजना का फरवरी 2019 की तय समय सीमा से करीब तीन महीने पहले शुभारंभ किया जा रहा है।
इस तरह पहुंचा मुकाम पर
केएमपी एक्सप्रेसवे की संकल्पना वर्ष 2003-04 में पूर्वी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के साथ की गई थी। इन दोनों एक्सप्रेसवे को कुंडली और पलवल में एक ही अंतिम स्थान के साथ दिल्ली के चारों ओर रिंग रोड बनाने के लिए तैयार किया गया था। केएमपी एक्सप्रेसवे का काम दो भागों में बांट दिया गया था, पलवल से मानेसर तक 53 किलोमीटर का पहला खंड और मानेसर से कुंडली तक 83 किलोमीटर का दूसरा खंड। पलवल से मानेसर तक का हिस्सा 5 अप्रैल 2016 को शुरू कर दिया गया था।
कुंडली से मानेसर का हिस्सा पहले ठेकेदार के छोड़ने और जमीन अधिग्रहण की अड़चनों के कारण लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रहा। सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद दोबारा से इसे टेंडर के जरिए एक निजी कंपनी को दिया गया। फरवरी 2019 में कंपनी को निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया, लेकिन एक नवंबर को हरियाणा दिवस पर इसका शुभारंभ करने के कारण पहले ही काम पूरा कर लिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री को समय नहीं मिल पाया।

Comments
Post a Comment