तिरुवनंतपुरम- सबरीमाला मंदिर महिला को प्रवेश करने से रोका, श्रद्धालु भड़के; एक मीडियाकर्मी घायल


मंदिर परिसर और सन्नीधाम में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु मंगलवार सुबह से प्रदर्शन कर रहे है 

पुलिस का दावा- दर्शन करने आई महिला की उम्र 52 साल, लेकिन मंदिर प्रशासन मानने को तैयार नहीं 

विरोध को देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू, हिंदू संगठनों ने कहा- महिला पत्रकारों के आने से बिगड़ेगी स्थिति 

सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखने के लिए मंदिर परिसर के आसपास 5000 जवान तैनात 

तिरुवनंतपुरम. मासिक पूजा के लिए खोले गए सबरीमाला मंदिर में एक महिला को प्रवेश न देने से नाराज होकर श्रद्धालु प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान झड़प में एक मीडियाकर्मी चोटिल हो गया। पुलिस के मुताबिक, अपने बेटे के साथ दर्शन करने आई एक महिला ने अपनी उम्र 52 साल बताई। मंदिर प्रशासन उस महिला की उम्र को सही मानने से इनकार कर रहा है। 

सोमवार शाम खोला गया मंदिर 
सबरीमाला मंदिर सोमवार को मासिक पूजा के लिए खोला गया था, लेकिन 10 से 50 साल तक की कोई भी महिला दर्शन करने नहीं आई। मंदिर मंगलवार शाम अथाझा पूजा के बाद बंद हो जाएगा। 

मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ विरोध को देखते हुए इलाके में तीन दिन के लिए धारा 144 लागू की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर 5000 जवान भी तैनात किए गए। उधर, हिंदू संगठनों ने मीडिया संस्थानों से न्यूज कवर करने के लिए महिला पत्रकार न भेजने की अपील की। 

समिति ने संपादकों को लिखा पत्र 
सबरीमाला कर्म समिति ने अपने पत्र में 10 से 50 साल तक की महिला पत्रकारों को कवरेज के लिए नहीं भेजने के लिए कहा था। समिति का कहना है कि महिला पत्रकारों के आने से स्थिति और बिगड़ सकती है। 

28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था फैसला 
सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश का फैसला सुनाया था। पहले यहां 10 साल की बच्चियों से लेकर 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी थी। यह प्रथा 800 साल से चली आ रही थी। 

कोर्ट के फैसले के बाद भी कोई महिला नहीं कर पाई प्रवेश 
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरे राज्य में विरोध हो रहा है। 17 से 22 नवंबर तक मंदिर मासिक पूजा के लिए खोला गया था, लेकिन विरोध के चलते कोई महिला दर्शन नहीं कर पाई। उस दौरान कुछ महिला पत्रकारों और युवतियों ने प्रवेश की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों के वाहनों में तोड़फोड़ की। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करने पर 536 मामले दर्ज 
पुलिस के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के महिलाओं के प्रवेश की अनुमति का विरोध करने पर 536 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में अब तक 3,719 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि इनमें से सिर्फ 100 लोग ही जेल में हैं। बाकी लोगों को जमानत मिल चुकी है।

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