जेवर एयरपोर्ट शुरू होने से आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा पश्चिमी यूपी:
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ उत्तर प्रदेश का पश्चिमी बेल्ट आर्थिक गतिविधियों, हवाई यात्रियों और माल ढुलाई के लिए केंद्र बन जाएगा। इससे खेती का भविष्य भी बेहतर होगा।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित चौथे पीएचडी एयर कार्गो समिट-2018 को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि एयरपोर्ट का परिचालन शुरू होने से बढ़ती उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा के साथ भारत को कहीं ज्यादा उच्च आर्थिक समृद्धि के लिए प्रेरणा मिलेगी।
कृषि समुदाय को होगा लाभ
सिन्हा ने कहा कि एयरपोर्ट का परिचालन शुरू होने से हवाई यात्रा और माल ढुलाई के संबंध में एक नया अध्याय शुरू होगा। साथ ही पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और खासतौर पर एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं) में असाधारण वृद्धि और विस्तार देखने को मिलेगा। साथ ही इससे इस क्षेत्र के कृषि समुदाय को भी काफी लाभ होगा। उन्हें उपभोक्ताओं और अपने कृषि एवं बागवानी उपज के लिए निर्यातकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
नई कार्गो नीति पर तेजी से हो रहा काम
सिन्हा ने उम्मीद जताई कि एयरपोर्ट का परिचालन निर्धारित समय में शुरू होने से लॉजिस्टिक और माल ढुलाई उन क्षेत्रों में भी हो सकेगी, जो अब तक इससे वंचित थे। नई कार्गो नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का लॉजिस्टिक्स डिविजन इस पर तेजी से काम कर रहा है।
जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे उद्योग जगत के समक्ष आने वाली समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही इसका प्रतिबिंब पूरे अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, जिससे उच्च विकास और गहन विस्तार में मदद मिल सकती है।
सरकार-उद्योग जगत को मिलकर तलाशने होंगे उपाय
कार्यक्रम में मौजूद नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव राजीव नयन चौबे ने इंडिया इंक को आश्वासन दिया कि प्रस्तावित कार्गो नीति वर्तमान के अपने सभी ग्रे क्षेत्रों को व्यापक रूप से संबोधित करने के लिए पर्याप्त होगी। अंत: इससे इस क्षेत्र में वांछित विकास में मदद मिलेगी।
वहीं, नागरिक उड्डयन कमेटी पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष के नारायण राव और सह अध्यक्ष विपिन वोहरा ने सरकार से नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए ऐसे नीतिगत उपायों को स्थापित करने का आग्रह किया, जो व्यावहारिक और सुविधाजनक हों।
के नारायण राव ने कहा कि देश में माल ढुलाई व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सरकार और उद्योग जगत को साथ मिलकर इस क्षेत्र की समस्याओं के समाधान तलाशने होंगे ताकि क्षमता निर्माण, ऑफसाइट स्टेशन, कनेक्टिविटी और अन्य परेशानियों को दूर किया जा सके।

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