छत्तीसगढ़/ वोट डालने से पहले मंत्री ने पोलिंग बूथ और ईवीएम की पूजा की, भेजा नोटिस आयोग ने
* नवागढ़ सीट से भाजपा प्रत्याशी और मंत्री दयालदास बघेल पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप
* बघेल मतदान केंद्र में कर रहे थे पूजा, बाहर मतदाताओं की लगी थी लाइन
* मतदान केंद्र से 100 मीटर के दायर में धार्मिक कार्यक्रम पर होती है रोक
रायपुर. मतदान केंद्र में पूजा-पाठ करने के मामले में रमन सरकार के सहकारिता और पर्यटन मंत्री दयालदास बघेल बुरे फंस गए हैं। निर्वाचन आयोग ने दयालदास बघेल को नोटिस जारी कर गुरुवार तक जवाब मांगा है। बघेल नवागढ़ विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी हैं। उन्होंने 20 नवंबर को दूसरे चरण में वोटिंग से पहले कूरा के मतदान केंद्र में अगरबत्ती जलाकर पूजा-पाठ किया था। कूरा बघेल का गृहनगर है।
बघेल ने मतदान केंद्र की परिक्रमा की और ईवीएम को टीका भी लगाया। फिर इवीएम को बकायदा प्रणाम किया। मतदान केंद्र के बाहर नारियल फोड़ा। इसके बाद उन्होंने वोट डाला। यह सब करते हुए उनके साथ मतदान केंद्र में बड़ी तादाद में समर्थक भी थे। तब तक मतदान केंद्र में पहुंचे दूसरे वोटर भी वोट नहीं डाल पाए।
पीठासीन अधिकारी ने नहीं रोका : बघेल के पूजा-पाठ करने के दौरान पीठासीन अधिकारी ने कोई आपत्ति भी दर्ज नहीं कराई। सीईओ सुब्रत साहू ने संज्ञान लेते हुए नवागढ़ के रिटर्निंग ऑफिसर बीएस उइके को भी नोटिस जारी किया है। इस मामले में जब दयालदास से बात करने की कोशिश की गई तो उनके तीनों मोबाइल स्विच ऑफ या आउट ऑफ कवरेज थे।
अफसर पर भी हो सकती है कार्रवाई : सूत्रों के मुताबिक बघेल का यह काम लोक प्रतिनिधित्व कानून और आईपीसी की धारा 171 के दायरे में आता है। लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 126 के मुताबिक प्रचार थमने के बाद 48 घंटे की सीमा और मतदान वाले दिन केंद्र के भीतर कोई प्रत्याशी स्वयं का प्रचार नहीं कर सकता। वहीं,आईपीसी के तहत कोई व्यक्तिए प्रत्याशी या दल, किसी भी बूथ के 100 मीटर के दायरे में ना कोई भी धार्मिक अनुष्ठान करेगा न ही धार्मिक प्रतीक चिन्हों का प्रचार कर सकता है।

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