नकली को कहें न, कैसे करें, मिलावट की पहचान
कोई मिलावटी चीज खाकर आप बीमार न पड़े इसके लिए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने उत्पादों के परीक्षण के कुछ घरेलू नुख्से बताए हैं।
नई दिल्ली। रौशनी के त्योहार दीपावली के लिए मात्र चार दिन बाकी हैं। बाजार की मांग को पूरा करने के लिए इस दौरान मिलावटी चीजों की भी बाढ़ आ जाती है, जिनको खाकर आप बीमार पड़ सकते हैं। कोई मिलावटी चीज खाकर आप बीमार न पड़े इसके लिए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने उत्पादों के परीक्षण के कुछ घरेलू नुख्से बताए हैं, जिनके जरिए आप मिलावटी चीजों की आसानी से परख कर सकते हैं।
गरम मसाले में लकड़ी का बुरादा
कांच के पारदर्शी गिलास में पानी लें और इसमें एक चम्मच गरम मसाला डालें।
शुद्ध गरम मसाला पानी में ज्यादा रंग नहीं छोड़ेगा और पानी पर तैरता रहेगा।
लकड़ी का बुरादा पानी में रंग छोड़ेगा और गिलास की तली में बैठ जाएगा।
रंग से तैयार हरी मटर को ऐसे पहचाने
कांच के पारदर्शी गिलास में थोड़ी सी हरी मटर डालें।
अब मटर वाले गिलास को पानी से आधा भर दें।
शुद्ध हरी मटर रंग नहीं छोड़ेगी और पानी का रंग नहीं बदलेगा।
पॉलिश वाली हरी मटर रंग छोड़ देगी और पानी हरा दिखने लगेगा
हल्दी पाउडर में रंग की मिलावट
कांच के एक गिलास में थोड़ा पानी लें।
हल्दी का दो चम्मच पाउडर डालें।
शुद्ध हल्दी के पाउडर वाला पानी हल्का पीला हो जाएगा और हल्दी गिलास की सतह पर बैठ जाएगी।
मिलावटी रंग होने पर पानी ज्यादा पीला हो जाएगा और हल्दी के कण सतह पर बैठ जाएंगे, जबकि रंग का अवशेष तैरता रहेगा।
सौंफ में जीरे की मिलावट
कांच के एक प्लेट में थोड़ी सी सौंफ रखें।
ध्यान से देखने पर अगर दो तरह के दाने दिखते हैं, तो दांत से तोड़कर दोनों को परखें।
सुगंध और स्वाद अलग-अलग होगा। इससे मिलावट का पता चल जाएगा।
नमक में सफेद पाउडर की मिलावट
कांच के पारदर्शी गिलास में एक चम्मच नमक पाउडर डालें।
अब गिलास को आधा पानी से भर दें।
शुद्ध नमक पानी में पूरी तरह से घुल जाएगा और पानी का रंग भी नहीं बदलेगा।
सफेद पाउडर की मिलावट होने पर पानी का रंग मटमैला हो जाएगा






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