सबरीमाला / 72 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस ने कहा- भक्त आतंकी नहीं



10 साल की बच्चियों से लेकर 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं देना चाहते प्रदर्शनकारी 

देर रात मुख्यमंत्री निवास पर प्रदर्शन करने की कोशिश, बंगले से 100 मीटर पहले पुलिस ने रोका 

गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन तेज हुआ, 5 जिलों में आधी रात को हुईं प्रार्थना सभाएं 

सबरीमाला. केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के विरोध में प्रदर्शन तेज हो गया है। रविवार देर रात मंदिर परिसर में लागू नियमों का पालन नहीं करने पर 72 भक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालात का जायजा लेने केंद्रीय मंत्री केजे अल्फॉन्स सोमवार सुबह यहां पहुंचे। उन्होंने कहा- इमरजेंसी से बदतर हालात हो गए हैं। भक्तों को अागे नहीं बढ़ने दिया जा रहा। बेवजह धारा 144 लगा दी गई है। भक्त आतंकी नहीं हैं, फिर उन्हें (सरकार को) 15 हजार पुलिसकर्मियों की जरूरत क्यों है? 


रविवार देर रात तनाव उस समय बढ़ गया जब सबरीमाला और उसके आसपास लागू निषेधाज्ञा के बावजूद 200 से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने परिसर खाली नहीं किया और भगवान अयप्पा के भजनों का गायन शुरू कर दिया। अनुरोध करने के बाद भी उन्होंने गाना जारी रखा। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस कार्रवाई के बाद बिगड़े हालात 

प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने के बाद हालात और बिगड़ गए। मुख्यमंत्री निवास पर धरना देने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और आरएसएस के स्वयंसेवकों को रास्ते में ही रोक दिया गया। कई थानों और आयुक्त कार्यालयों के सामने विरोध जताया गया। राज्य के तिरुवनंतपुरम, आलप्पुषा, एनार्कुलम, पत्तनमत्तिट्टा और कोझीकोड जिलों में प्रदर्शनकारियों में आधी रात को प्रार्थना सभाएं कीं। 

आंदोलन तेज करने की तैयारी 

आरएसएस ने सोमवार को राज्यभर में विरोध जताने का ऐलान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सबरीमाला कर्म समिति, सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी में है। समिति का आरोप है सुप्रीम कोर्ट ने सभी आयु की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति देकर उनके रीति-रिवाज और परंपराओं को नष्ट किया है। 

800 साल से जारी प्रथा 

सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश के फैसले के खिलाफ केरल के राजपरिवार और मंदिर के मुख्य पुजारियों समेत कई हिंदू संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। अदालत ने सुनवाई से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश करने की इजाजत दी। यहां 10 साल की बच्चियों से लेकर 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी थी। प्रथा 800 साल से चली आ रही थी। 

हर साल 5 करोड़ लोग करते हैं दर्शन 

सबरीमाला मंदिर पत्तनमतिट्टा जिले के पेरियार टाइगर रिजर्वक्षेत्र में है। 12वीं सदी के इस मंदिर में भगवान अय्यप्पा की पूजा होती है। मान्यता है कि अय्यपा, भगवान शिव और विष्णु के स्त्री रूप अवतार मोहिनी के पुत्र हैं। दर्शन के लिए हर साल यहां साढ़े चार से पांच करोड़ लोग आते हैं।

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