सीबीआई ने एजेंसी के नं-2 निदेशक राकेश अस्थाना की (FIR) रद करने की याचिका का किया विरोध-



सीबीआई ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि विशेष निदेशक राकेश अस्थाना और अन्य लोगों के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों में दर्ज प्राथमिकी संज्ञेय अपराध दिखाती है। एजेंसी ने प्राथमिकी रद्द करने की अस्थाना की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि इस स्तर पर रोविंग इंक्वायरी (विषय वस्तु से असंबद्ध) की अनुमति नहीं है।

सीबीआई ने अदालत से यह भी कहा कि अस्थाना के खिलाफ जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, विभिन्न दस्तावेजों और अन्य लोगों की भूमिकाओं की जांच की जा रही है। इसी संबंध में एजेंसी ने अदालत को बताया कि वह असमर्थ है क्योंकि कुछ फाइल और दस्तावेज सीवीसी (केन्द्रीय सकर्तता आयोग) की निगरानी में हैं।

एजेंसी ने अस्थाना द्वारा लगाए गए सभी प्रतिकूल आरोपों का खंडन किया है। अस्थाना, सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक देवेन्द्र कुमार और कथित बिचौलिया मनोज प्रसाद की अर्जियों पर आज दिन में न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की अदालत में सुनवाई की संभावना है।

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